भारतीय चिति

चिति और राष्ट्र का बदलता स्वरूप कैसा है -
राष्ट्र की आत्मा को चिति कहते है ,
मानस  प्रबोधन , 
विद्या केंद्र ,
ज्ञानात्मक आधार ,
योग क्षेम ,
आत्म्दीप्त  चैतन्य ,
सुबुध मस्तिस्क और प्रज्ञा  का विकास करना हमारी शिक्षा का उद्देश्य होगा  तभी   भारत का विकास संभव है | 

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